Jun 1, 2011

पत्रकार को सच बोलने की सजा दी सरकार ने


ह्युमन राईट वाच  के पाकिस्तान प्रतिनिधि अली दयान हसन ने अल जजीरा को बताया कि शहजाद ने उन्हें हाल में बताया था कि 'रिपोर्ट के बाद से आईएसआई से उन्हें लगातार धमकी मिल रही थी...

विष्णु शर्मा

पाकिस्तान के पंजाब राज्य  की पुलिस ने मंगलवार को पत्रकार सईद सलीम शहजाद की हत्या की पुष्टि कर दी है. शव की शिनाख्त शहजाद के परिवार ने की. एशिया टाइम्स ऑनलाइन और इटली की समाचार एजेंसी एंडक्रोनोस इंटरनेशनल  के पाकिस्तान संवाददाता शहजाद पिछले रविवार से लापता थे. गौरतलब है कि  40 वर्षीय  खोजी पत्रकार शहजाद की गिनती  पाकिस्तान के उन  साहसी पत्रकारों में की जाती रही है जो सरकारी तंत्र और आतंकवादी संगठनों के गठजोड़ को सरेआम करते रहे हैं. 
  
आतंकवाद के  शिकार : पत्रकार सईद सलीम  शहजाद  
उनके लापता होने की खबर 29  मई को सामने आयी जब वे तय कार्यक्रम में नहीं पहुँच सके थे.माना जा रहा है कि उनकी हत्या में पाकिस्तानी नौसेना के उन अफसरों का हाथ होगा, जिनके सम्बन्ध तालिबान से होने की खबर शहजाद ने लिखी थी. 27  मई को एशिया टाइम्स में प्रकाशित अपनी रिपोर्ट में शहजाद ने खुलासा किया था कि पाकिस्तानी नौसेना के कुछ बड़े अफसर आतंकवादियों को सूचना पहुंचाते है. शहजाद पाकिस्तान में तालिबान पर विशेष जानकारी रखने वाले पत्रकार माने जाते थे. उनकी पुस्तक 'इनसाइड अल कायेदा एंड तालिबान: बियोंड बिन लादेन एंड 9/11' खासी सुर्ख़ियों में रही.

जानकारों का कहना है कि हाल में प्रकाशित उनकी रिपोर्ट के कारण पाकिस्तानी नौसेना में पड़े अंतरराष्ट्रीय  दवाब का बदला लेने के लिए उनकी हत्या की गई है.ह्युमन राईट वाच  के पाकिस्तान प्रतिनिधि अली दयान हसन ने अल जजीरा को बताया कि शहजाद ने उन्हें हाल में बताया था कि 'रिपोर्ट के बाद से आईएसआई से उन्हें लगातार धमकी मिल रही थी.' आईएसआई इस आरोप को बेबुनियाद बता रही है. उसके एक अधिकारी का कहना है कि आरोप लगाने वालों को इसका सबूत देना चाहिए.पकिस्तान के प्रधानमंत्री सईद युसूफ रज़ा गिलानी ने हत्या पर दुख प्रकट करते हुए कहा है कि उनकी सरकार दोषियों को जरूर सजा दिलाएगी.

हत्या की जाँच के लिए सरकार ने कमिटी का गठन कर दिया है. संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव बान की मून ने शहजाद की हत्या को निंदनीय करार देते हुए इस की निष्पक्ष जांच की मांग की है. संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता के कहा है कि महासचिव आशा करते है कि पाकिस्तानी सरकार दोषियों को दंड देगी.रिपोर्टर विदाउट  बोर्डर और इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ जर्नलिस्ट ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को मंगलवार को भेजे अपने संयुक्त पत्र में कहा है कि 'हत्या से पत्रकार बिरादरी ठगा हुआ महसूस कर रही है.हम मांग करते है कि पकिस्तान सरकार हत्या की पुर जोर निंदा करे और इसके लिए जिम्मेदार लोगो को सजा दिलाये.'

पकिस्तान के अंग्रेजी दैनिक डेली टाईम्स ने आज अपने संपादकीय 'सलीम शहजाद: सच की कीमत' में लिखा है,'यह घटना उन सभी लोगों के लिए आखें खोलने वाली है जो यहाँ की सेना और उग्रवादी संगठनों से सहानुभूति रखते है.इस बात को समझने के लिए कि हमारा देश एक युद्ध क्षेत्र है जहाँ उग्रवादी और उनसे जो खुद को हमारा रखवाला कहते हैं, कोई भी सुरक्षित नहीं है.  हमें  बाहरी देशों को अपनी हर तकलीफ का दोषी कहना बंद करना होगा.जिस देश में आतंकवादी,हत्यारे,बलात्कारी और अपराधी सुरक्षित महसूस करते हों उस देश में निर्दोषों की हत्या एक सामान्य परिघटना है.'

इससे पहले भी 19नवम्बर 2006में अफगानिस्तान के हेलमंड में रिपोर्टिंग के दौरान तालिबानी लड़ाकों  ने शहजाद का अपहरण कर लिया था.तालिबान को उन पर जासूसी करने का शक था. 26 नवम्बर 2006को तहकीकात के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया था. कैद के अपने अनुभवों को शहजाद ने 'इन दी लैंड ऑफ दी तालिबान' शीर्षक से एक लेख श्रृंखला भी लिखी थी.


1 comment:

  1. फजल मोहम्मदThursday, June 02, 2011

    पाकिस्तान में तो यह आम बात है, उससे अच्छा होता भरत के पत्रकारों के बारे में भी लिखा जाता कि कितने बुरे हाल में जी रहे हैं.

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