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Jul 26, 2011

गुलाबी गैंग पर सियासी आरोप

गुलाबी गैंग  कमांडर संपत पाल पर एक दलित युवती ने बरगलाने और बलात्कार करवाने का मुक़दमा दर्ज कराया है, लेकिन एक दूसरा पहलु भी उभर कर आ रहा है...

आशीष सागर

जो महिलाओं के लिये ही मोर्चा सभांलती रही, उनके ऊपर हो रहे जुल्म का एक भी मुद्दा  जिसे सुकून से सोने नही देता था और वह ही महिला उत्पीडन में बदनाम हो जाये तो क्या कहा जाय। जब समाज के लिये संघर्ष करने वाले लोगो पर ही मर्यादा का मर्दन करने के आरोप लगाये जाने लगे और उन्हे उत्पीड़न, धन हड़पने, बंधक बनाकर सामूहिक दुराचार के आरोपों में गिरफ्तार करने के मांगे प्रशासन से की जाने लगे तो आखिर आम आदमी, महिलायें भरोसा करे तो किस पर।

बुंदेलखंड से लेकर देश विदेश तक अपने प्रभाव का असर और गुलाबी रंग का बुखार पैदा करने वाली गुलाबी गैंग की कमांडर संपतपाल को नामी ’ द गार्जियन ’ समाचार पत्र ने भी दुनिया के 100 प्रभावशाली महिलाओं में शुमार किया है। हमेशा ही महिलाओं के लिये और खासकर दलित महिलाओं के लिये संघर्ष करने का उनका तरीका कई राजनीतिक दलों की गले की हड्डी बनता जा रहा है और सामाजिक संगठन भी इस बात को हजम नही कर पा रहे है। चित्रकूट के रौली कल्याणपुर ग्राम पंचायत से इस पंचवर्षीय चुनाव में उनके पुत्र  कामता पाल प्रधान निर्वाचित हुये है और यह गांव गैंग कमाण्डर का ससुराल भी है।

बीते दिनों  एक दलित लडकी नीलम निवासी खरौंच, नरैनी ने यह आरोप लगाकर सभी के होश उडा दिये कि महिलाओं के लिये औैर खासकर प्रेमी जोड़ो के लिये पैरोकारी करने वाली संपत पाल ने एक लाख रू0 को हड़पने की नियत से पहले तो देा पक्षो में समझौता कराया और युवती को बरगलाने के बाद कई दिनों तक अपने ही बदौसा स्थित घर में गैंग से सम्बंध रखने वाले लोगो द्वारा दुराचार करवाया गया। युवती ने इस बात की तहरीर जनपद के पुलिस अधिक्षक के समक्ष दिये गये हलफनामें की है। वहीं संपत पाल का कहना है कि उसने तो युवती को उसके कथित प्रेमी राजू से बचाकर समझौता कराया था और अपने घर मे पनाह दी थी।  बकौल संपत ने स्वीकार किया है कि युवती ने एक लाख रू0 रखने के लिये उन्हे दिये थे जिसे बाद में नीलम को सौपा जाना था। पीड़ित नीलम का कहना है कि उसके माता पिता भी संपत पाल के साथ मिल गये है और गुलाबी गैंग द्वारा ही उसके साथ यौन उत्पीड़न किया गया है।

विधान सभा चुनाव 2012 का खुमार गुलाबी गैंग पर भी सिर चढकर बोल रहा है। आये दिन महिला मुद्दों पर सरकार को घेरना, विरोध प्रदर्शन और एक खास पार्टी का पक्ष लेकर खुद भी राजनीति के मैदान में आने की चाहत ने ही संपत की मुश्किले बढ़ा दी। इधर समाजसेवी संगठनों से जुड़े लोगो के अनुसार प्रदेश में जिस तरह से संपत पाल सरकार के विरोध मे खड़ी है उससे कई राजनेताओं की नींदें उड़ गयी है।

अंदर की खबर है कि मिशन 2012 में गुलाबी गैंग गुलाबी पार्टी के नाम से चुनाव में ताल ठोकेगा। संपत ने भी मानिकपुर क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी से टिकट देने की गुहार की है। जनपद बांदा में गैंग कमांडर पर नीलम द्वारा लगाये गये दुराचार के आरोप कितने सच है यह तो कानून की किताब ही तय करेगी लेकिन जिस तरह से गैंग की महिलायें लगातार मुकदमें के विरोध में विरोध प्रदर्शन कर रही है वह संपत की जमीन तैयार करने का ही एक हिस्सा है। उधर युवती को कोर्ट ने नाबालिग करार देते हुये नारी निकेतन भेज दिया है.

वहीं युवती के माता पिता प्रेमी राजू पर लड़की को बहकाने के आरोप लगा रहे है। हकीकत क्या है और  राजनीति के पचड़े में उलझी संपत कैसे   निकल पाएंगी, यह तो नीलम और गुलाबी गैंग में छिड़ा शब्द युद्ध  तय करेगा, मगर गुलाबी गैंग की सदस्या जमुना बाई ने अपनी मुखिया के खिलाफ, मूर्ती सिंह, राहत जहां, शकुन्तला, रामदुलारी सहित बयां दिया है कि सम्पत पाल ने गुलाबी गैंग की छवि खराब की है।

बुंदेलखंड  की इस समाज की पैरोकारी करने वाली महिला के ऊपर लगाये गये आरोप कहीं इस उठापटक में एक और शीलू बलात्कार  कांड की तस्दीक न कर दे। ऐसा अन्देशा प्रकरण की नजाकत को देखकर और कुछ संगठनो, ब्राहम्ण सेवादल द्वारा संपत पाल के ऊपर लगाये सभी आरोपों को सही ठहराने से प्रतीत होता है।