यशवंत सिंह
गाजीपुर के एसएसपी को चिट्ठी
Date: 2010/10/18, Subject: तीन महिलाओं को 12 घंटे तक थाने में बंधक बनाए रखने के मामले में दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने हेतु, To: spgzr@up.nic.in , Cc: dgp@up.nic.in dgpolice@sify.com adglo@up.nic.in , श्रीमान एल. रवि कुमार जी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, गाजीपुर, उत्तर प्रदेश,मैं यशवंत सिंह आपसे मुखातिब हूं.दिल्ली में एक वेब मीडिया कंपनी में कार्यरत हूं.इस कंपनी के पोर्टल का नाम http://www.bhadas4media.com/ है.
इस मीडिया पोर्टल में मीडिया के अंदर के स्याह-सफेद को उदघाटित किया जाता है.मैं इस पोर्टल में सीईओ & एडिटर के पद पर कार्यरत हूं.इससे पहले मैं दैनिक जागरण और अमर उजाला में करीब छह छह वर्षों तक वाराणसी, आगरा, मेरठ, कानपुर, लखनऊ आदि शहरों में छोटे-बड़े पदों पर कार्यरत रहा. जागरण ग्रुप के सेकेंड ब्रांड आई-नेक्स्ट का लांचिंग एडिटोरियल इंचार्ज रहा. मैं एक शिकायत दर्ज कराना चाहता हूं जो मेरे लिहाज से बहुत गंभीर प्रकरण है, मेरे मन-मस्तिष्क को झिंझोड़ देने वाला घटनाक्रम है.
पिछले दिनों मुझे गाजीपुर जिले के नंदगंज थाने के अलीपुर बनगांवा गांव से सूचना मिली की आपके व पुलिस के अन्य उच्चाधिकारियों के निर्देश पर स्थानीय थाने की पुलिस ने मेरी मां यमुना सिंह,मेरी चाची रीता सिंह और मेरे चचेरे भाई की पत्नी सीमा सिंह को घर से जबरन उठा लिया.रात भर पुरुष थाने में बंधक बनाए रखा.दोपहर बाद तभी घर जाने दिया गया जब एक केस में नामजद मेरे चचेरे भाई ने थाने आकर सरेंडर कर दिया.
महिलाओं के सम्मान की बात माननीय मुख्यमंत्री मायावती जी भी करती हैं.इन दिनों एक महिला ही देश की राष्ट्रपति हैं.सुपर पावर सोनिया गांधी के इशारे पर केंद्र सरकार चल रही .और,मेरे खयाल से आप भी महिलाओं से संबंधित कानून को अच्छी तरह जानते हैं. बावजूद इसके, इन तीन महिलाओं को थाने में शाम से लेकर अगले दिन दोपहर तक बिठाये रखना न केवल शर्मनाक है बल्कि यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली पर धब्बा है.
मां व अन्य महिलाओं को थाने में बिठाए जाने की सूचना मिलते ही मैंने स्थानीय मीडियाकर्मियों से अनुरोध कर थाने में बैठी महिलाओं की तस्वीरें खिंचवाईं व वीडियो बनवाई. यह सब बंधक बनाए जाने के घटनाक्रम के सुबूत हैं. कुछ तस्वीरों व वीडियो को प्रमाण के रूप में यहां सलग्न कर रहा हूं.इस प्रकरण से संबंधित सूचनाएं,आलेख व खबरें http://www.bhadas4media.com/ पर प्रकाशित की गई हैं. आपसे अनुरोध है कि इन खबरों, प्रमाणों, तस्वीरों, वीडियो आदि के आधार पर मामले की जांच कराकर उन दोषी पुलिस अधिकारियों का पता लगवाएं जिनके निर्देश पर मेरी मां समेत चार महिलाओं को बंधक बनाकर थाने में रखा गया.
यही नहीं, अगले दिन स्पेशल आपरेशन ग्रुप (एसओजी) के लोगों ने बिना किसी नोटिस, चेतावनी और आग्रह के सादी वर्दी में सीधे मेरे गांव के पैतृक घर में घुसकर छोटे भाई के बेडरूम तक में चले गए और वहां से छोटे भाई की पत्नी से छीनाझपटी कर मोबाइल व अन्य सामान छीनने की कोशिश की. छोटे भाई व अन्य कई निर्दोष युवकों को थाने में देर रात तक रखा गया.इस मामले का सिर्फ इसलिए यहां उल्लेख कर रहा हूं कि मेरे परिवार के सभी सदस्यों को पुलिस से जानमाल का खतरा उत्पन्न हो गया है और जिस तरह की हरकत स्थानीय अधिकारी व पुलिस के लोग कर रहे हैं,उससे लग रहा है कि उनका लोकतंत्र व मानवीय मूल्यों में कोई भरोसा नहीं है.वे एक अराजक माफिया गिरोह की तरह संचालित हो रहे हैं और इसी अंदाज में आम जन से संबोधित-मुखातिब हो रहे हैं.
मैं इस शिकायती पत्र की प्रतिलिपित यूपी के डीजीपी समेत पुलिस के कई उच्चाधिकारियों को इसलिए प्रेषित कर रहा हूं,साथ ही मानवाधिकार आयोग और महिला आयोग को भेज रहा हूं ताकि मेरे व मेरे परिवार के किसी भी सदस्य पर किसी किस्म का कोई प्रहार,हमला या गिरफ्तारी या गुमशुदगी हुई तो इसके लिए एकमात्र जिम्मेदार यूपी पुलिस होगी.
मुझे यह पत्र आपको, अर्थात गाजीपुर के पुलिस अधीक्षक रवि कुमार लोकू को लिखते हुए भी यह भय है कि कहीं मैं उसी से फरियाद तो नहीं कर रहा जिस पर पूरे साजिश का सूत्रधार होने का शक है. हालांकि आपके उर्फ रवि कुमार लोकू के बारे में मैंने जो जानकारियां इकट्ठी की हैं,उससे पता चलता है कि आप ईमानदार अफसरों में से माने जाते हैं और समाज व आम जन के प्रति काफी संवेदनशील हैं लेकिन जिस तरह की हरकत आपने व आपकी पुलिस ने की है, उससे मेरा आपके उपर अब दूर दूर तक भरोसा नहीं है.
लेकिन आप से मैं फरियाद इसलिए कर रहा हूं कि आप गाजीपुर जिले की जनता की जान-माल की हिफाजत के लिए जिम्मेदार पुलिस अधीक्षक की कुर्सी पर बिठाए गए हैं,सो मुंशी प्रेमचंद की 'पंच परमेश्वर'वाली कहानी पर भरोसा करते हुए ये शिकायती पत्र जांच कराने हेतु व दोषियों के खिलाफ मुकदमा लिखाने हेतु आपको प्रेषित कर रहा हूं.थाने के अंदर बंधक बनाई गई महिलाओं की तस्वीरें इस मेल के साथ अटैच हैं.वीडियो यूट्यूब पर अपलोड है जिसे देखने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं. या फिर लिंक के ठीक नीचे दिए गए वीडियो को प्ले कर देख सुन सकते हैं.
मामले की विस्तृत जानकारी के लिए www.bhadhas4media.com के इस लिंक को http://bhadas4media.com/dukh-dard/6986-justice-for-mother-part1.html देखें.
